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Vrat & Tyohar on 11-Mar-2026 (Wednesday)

Shri shitala ashtmi vratham श्री शीतला अष्टमी व्रथम

Vrat & Tyohar on 11-Mar-2026 (Wednesday)

Shri shitala ashtmi vratham श्री शीतला अष्टमी व्रथम
बुध अष्टमी पर्व शीतला अष्टमी (बसोड़ा) चैत्र कृष्ण अष्टमी को मनाया जाने वाला एक प्रमुख व्रत है, जो माता शीतला को समर्पित है। इसका आध्यात्मिक महत्व शारीरिक शुद्धि, रोगों (विशेषकर चेचक, खसरा) से मुक्ति, और मानसिक शांति प्राप्त करना है। इस दिन ठंडा या एक दिन पहले बना भोजन खाकर माता की पूजा की जाती है, जो अनुशासन, संयम और ऋतु परिवर्तन (गर्मियों की शुरुआत) के साथ तालमेल का प्रतीक है। शीतला अष्टमी का आध्यात्मिक महत्व: रोगनाशिनी माता: माता शीतला को आरोग्य की देवी माना जाता है। मान्यता है कि उनकी पूजा करने से चेचक, खसरा, फोड़े-फुंसी और त्वचा संबंधी अन्य रोगों से सुरक्षा मिलती है। शरीर और मन की शुद्धि: यह व्रत आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक है। इस दिन ठंडा भोजन करने से शरीर को ठंडक मिलती है और मन में शांति का अनुभव होता है, जो मानसिक एकाग्रता बढ़ाता है। अनुशासन और संयम: शीतला माता को ठंडे भोजन (बसोड़ा) का भोग लगाने की परंपरा यह सिखाती है कि जीवन में सादगी और संयम से माता की कृपा प्राप्त होती है। ऋतु परिवर्तन का प्रतीक: यह त्यौहार सर्दी के जाने और गर्मी के आने का संकेत है।