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Vrat & Tyohar on 10-Mar-2026 (Tuesday)

वृद्ध अंगारक (बुढ़वा मंगल) पर्व

Vrat & Tyohar on 10-Mar-2026 (Tuesday)

वृद्ध अंगारक (बुढ़वा मंगल) पर्व
वृद्ध अंगारक बुढ़वा मंगल, जिसे मुख्य रूप से 'बड़ा मंगल' के नाम से भी जाना जाता है, हनुमान जी की उपासना का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पावन पर्व है। यह पर्व विशेष रूप से ज्येष्ठ माह (हिंदी कैलेंडर के अनुसार) के सभी मंगलवारों को उत्तर भारत (उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली) में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। बुढ़वा मंगल का आध्यात्मिक महत्व: हनुमान जी के 'वृद्ध' स्वरूप की पूजा: मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी के वृद्ध (बूढ़े) स्वरूप की पूजा की जाती है, इसलिए इसे 'बुढ़वा मंगल' कहा जाता है। यह वृद्ध स्वरूप ज्ञान, परिपक्वता, अनुभव और परम भक्ति का प्रतीक है। अखंड भक्ति और शक्ति का प्रतीक: हनुमान जी कलयुग के देवता हैं और उन्हें अष्टसिद्धि-नवनिधि के दाता के रूप में पूजा जाता है। यह पर्व साधक को शारीरिक और मानसिक शक्ति, साहस, और अडिग भक्ति प्राप्त करने के लिए प्रेरित करता है। राम-हनुमान मिलन की स्मृति: पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रेतायुग में ज्येष्ठ माह के मंगलवार को ही हनुमान जी की भेंट पहली बार श्रीराम और लक्ष्मण से हुई थी। इसलिए यह दिन सेवा, समर्पण और प्रभु भक्ति के मिलन क