Vrat & Tyohar on 16-Mar-2026 (Monday)
Som pradosh vrat सोम प्रदोष व्रत
Vrat & Tyohar on 16-Mar-2026 (Monday)
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Som pradosh vrat सोम प्रदोष व्रत
सोम प्रदोष व्रत ;
द्वादशी प्रातः 7:41 तक
पुत्र की कामना से सोम प्रदोष व्रत का विधान कहा गया है
सोम प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा पाने का अत्यंत शुभ और आध्यात्मिक दिन है। जब त्रयोदशी सोमवार के दिन पड़ती है, तो इसे सोम प्रदोष कहते हैं। यह व्रत शारीरिक आरोग्य, मानसिक शांति, पापों से मुक्ति और जीवन में सुख-समृद्धि, विशेषकर संतान सुख प्राप्ति के लिए किया जाता है।
शिव-शक्ति की कृपा: यह व्रत भगवान शिव (सोमवार) और प्रदोष काल (संध्या समय) की शक्ति का संगम है, जो भक्तों पर शिव की विशेष कृपा बरसाता है।
मानसिक शांति और आरोग्य: इसे करने से मानसिक तनाव दूर होता है, मन शांत होता है और स्वास्थ्य लाभ (आरोग्य) मिलता है।
पापों का नाश और मोक्ष: मान्यता के अनुसार, यह व्रत पूर्व और वर्तमान जन्मों के पापों का क्षय करता है और मोक्ष का द्वार खोलता है।
चंद्र दोष से मुक्ति: सोमवार को चंद्रमा से संबंध होने के कारण, यह व्रत कुंडली में चंद्र दोष को कम करता है।
इच्छा पूर्ति और दांपत्य सुख: सुख-समृद्धि की प्राप्ति के साथ ही यह व्रत सुखी वैवाहिक जीवन और संतान प्राप्ति के लिए किया जाता है |
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