Vrat & Tyohar on 01-Dec-2025 (Monday)
Mokshda ekadashi vrat Geeta jayanti baikunth ekadashi maun ekadashi
Vrat & Tyohar on 01-Dec-2025 (Monday)
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Mokshda ekadashi vrat Geeta jayanti baikunth ekadashi maun ekadashi
मोक्षदा एकादशी व्रत सभी के लिए
गीता जयंती
वैकुंठ एकादशी (दक्षिण भारत)
मौन एकादशी (जैन)
एकादशी दिन 2:20 तक
मोक्षदा एकादशी मोक्ष प्राप्ति, पितरों को शांति, और सभी पापों से मुक्ति है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा, भगवद्गीता का पाठ और दान-पुण्य के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन भगवान कृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। इस व्रत के पालन से भक्तों को आध्यात्मिक उन्नति और जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
आध्यात्मिक महत्व
मोक्ष प्राप्ति: इस एकादशी का मुख्य उद्देश्य मोक्ष प्राप्त करना है, यानी जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्ति पाना।
पितरों का उद्धार: इस दिन व्रत रखने और इसके पुण्यफल को पितरों को अर्पित करने से उन्हें शांति मिलती है और वे उत्तम लोकों को प्राप्त होते हैं।
पापों का नाश: इस व्रत को रखने से सभी प्रकार के पापों का नाश होता है और व्यक्ति को जीवन में सकारात्मकता मिलती है।
गीता जयंती: यह दिन गीता जयंती के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन भगवान कृष्ण ने महाभारत के युद्ध के दौरान अर्जुन को भगवद्गीता का ज्ञान दिया था।
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